राजस्थान पुलिस की वर्दी में इंटरनेट पर छाई हरियाणा के पानीपत की ये पहलवान , फोटो शेयर कर लिखा Dreams Come True
 
राजस्थान पुलिस की वर्दी में इंटरनेट पर छाई हरियाणा के पानीपत की ये पहलवान , फोटो शेयर कर लिखा Dreams Come True

हरियाणा के पानीपत की पहलवान नैना कैनवाल इस  समय इंटरनेट पर खूब छाई हुई है. पुलिस की वर्दी में नैना कैनवाल का अंदाज लोगों को खूब भा रहा है। उन्‍होंने इंस्‍टाग्राम में राजस्‍थान पुलिस की वर्दी में फोटो शेयर करते हुए लिखा कि उनका वर्दी पहनने का सपना पूरा हुआ। पानीपत के गांव सुताना वासी कुश्ती पहलवान नैना कैनवाल को राजस्थान सरकार ने खेल कोटा से सब इंस्पेक्टर भर्ती किया है। नैना ने दैनिक जागरण से फोन पर हुई बातचीत में बताया कि राजस्थान के जयपुर स्थित सीआईए में अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। आज मेरा खाखी पहनने का सपना पुरा हुआ। मैं बहुत खुश हूं।

नैना ने बताया कि मम्मी, पापा व भाई का सपना था कि खेल की बदौलत बेटी को अच्छी कामयाबी मिलेगी। हरियाणा के जिला पानीपत के गांव सुताना में किसान परिवार में पिता पूर्व सरपंच रामकरण व मां पूर्व सरपंच बाला देवी परिवार में नैना का जन्म हुआ। परिवार में एक भाई निखिल कैनवाल, विलायती भाभी, एक बहन नैना कैनवाल है। दोनों भाई बहन को पहलवानी का शौक है। पिता पूर्व सरपंच रामकरण को भी पहलवानी का शौक रहा। वह भी पहलवानी किया करते थे। रामकरण सन 2005 से गांव के सरपंच बने तथा 2010 में मां बाला देवी सरपंच रही हैं।

नैना ने बचपन में स्कूल की पढ़ाई निडानी में शुरु की और ग्रेजुएशन किया। पहलवानी की शुरुआत निडानी में हुई शुरुआती पहलवानी के कुश्ती कोच सुभाष लोहाने ने नैना को कुश्ती के गुर सिखाए।

नैना कैनवाल ने बताया कि उसने निडानी में लगभग 3 साल तक 2010 से 2013 तक कुश्ती की प्रैक्टिस की। फिर बाद में नैना 2014-15 में निडानी में कुश्ती कोच कृष्ण से कुश्ती के गुर सीखने लगी। 2018 में नैना रोहतक आ गई और यहां कुश्ती की प्रैक्टिस करने लगी यहां कुश्ती के कोच मंदिप कुश्ती की प्रैक्टिस करा रहे हैं। यहां चौधरी सर छोटू राम स्टेडियम रोहतक में कुश्ती के गुर सीखने लगी। ऐसा कुश्ती का सिलसिला जारी रहा।

नैना कैनवाल पहलवान का नेशनल और इंटरनेशनल कुश्ती सफर
2021 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप आगरा सिल्वर मेडल
2019 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप जालंधर पंजाब सिल्वर मेडल
2018 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप गोंडा उत्तर प्रदेश सिल्वर मेडल
2019 अंडर 23 नेशनल चैंपियनशिप शिरडी महाराष्ट्र गोल्डमैन
2018 अंडर 203 नेशनल चैंपियनशिप चित्तौड़गढ़ राजस्थान गोल्ड मेडल
2016 जूनियर नेशनल चैंपियनशिप गोंडा यूपी सिल्वर पदक
2015 जूनियर नेशनल चैंपियनशिप रांची झारखंड कांस्‍य पदक
2014 जूनियर नेशनल चैंपियनशिप झारखंड कांस्य पदक
2019 आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप औरंगाबाद गोल्ड मेडल
2018 आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप रोहतक सिल्वर मेडल
2017 आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप रोहतक गोल्ड मेडल
2017 आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप मैसूर कर्नाटक कांस्य पदक
2015 आल इंडिया यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप कुरुक्षेत्र हरियाणा सिल्वर मेडल

  • 2019 एशिया चैंपियनशिप मंगोलिया गोल्ड मेडल
  • 2019 अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप हंगरी पार्टिसिपेट
  • 2019 अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप हंगरी , पार्टिसिपेट
  • 2018 अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप रोमानिया ,पार्टिसिपेट
  • 2016 जूनियर एशियन चैंपियनशिप मंगोलिया ,पार्टिसिपेट
  • 2014 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप कोर्सिका यूरोप पार्टिसिपेट

    नैना कैनवाल अपनी प्रैक्टिस नियमित रोज सुबह 4:30 बजे से उठकर 5:00 बजे के लगभग स्टेडियम प्रैक्टिस के लिए पहुंचती है। लगभग 3 घंटे सुबह इसकी प्रैक्टिस के बाद 9:00 बजे घर आती है। शाम 5:00 बजे से स्टेडियम पहुंचने पर के बाद रात 8:00 बजे तक प्रैक्टिस करती है। इस तरह नियमित 3 घंटे सुबह और 3 घंटे शाम कुश्ती की ट्रेनिंग प्रैक्टिस करती है तथा पार्ट टाइम जिम में भी प्रैक्टिस के लिए जाती रहती है। कुश्ती कोच के शेड्यूल के अनुसार रोज अलग-अलग प्रैक्टिस कराई जाती है। 300-400 दंड बैठक का सपाटा भी लगा लेती है। हफ्ते में दो दिन जोर होते हैं वह 2 दिन टेक्निक कराई जाती है।

    नैना की खुराक

    पहलवानी की खुराक में नैना ने बताया कि वे बदाम का शरबत फ्रूट, जूस, घी, मक्खन, दूध, दही व अंडे आदि लेती हैं। भोजन शाकाहारी, दलिया घर का ही बना हुआ लेती है। घर से स्टेडियम करीब 2 किलोमीटर दूर पर है। स्टेडियम में रोज प्रैक्टिस करने के बाद घर पर आना-जाना बना रहता है।

  • सम्मान
  • नैना कैनवाल पहलवान ने बताया कि वे 6/7 बार भारत केसरी खिताब जीतने में कामयाब हुई है।
  • दो दंगल में उन्होंने दो स्कूटी जीत कर सम्मानित हो चुकी है।
  • रोहिणी दंगल में 51000 रुपए की राशि के साथ सम्मानित किया गया।
  • मथुरा के दंगल में 1 लाख रुपए इनाम राशि के साथ सम्मानित किया गया।
  • हरियाणा केसरी टाइटल पर 1.5 लाख रुपये इनाम राशि के साथ सम्मानित किया गया।