Sarso Ka Bhav: सरसों में मंदी तेजी की रिपोर्ट, जानिये कैसे रहेगा आगे भाव 15th May 2022

मंडियों में आवक घटकर 4.75 लाख बोरियों की रह गई। व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में पॉम तेल और सोया तेल की कीमतों में सुधार आया है, साथ ही घरेलू बाजार में सरसों में बिकवाली कमजोर बनी रही।

 
2022 में सरसों का भाव क्या रहेगा


दोस्तों हम कई दिन से बता रहे हैं कि सरसों के फंडामेंटल मजबूत चल रहे हैं शुक्रवार को भी ठीक ऐसा ही देखने को मिला भी। हालांकि सरसों के भाव में कोई बहुत बड़ी तेजी नहीं दिखाई दी लेकिन और ऑल सेंटीमेंट मजबूत ही बना रहा। सरसों को लेकर क्या कुछ माहौल रहने वाला है इस रिपोर्ट में हम इसकी चर्चा करेंगे

शुक्रवार को तेल मिलों की मांग बनी रहने से मार्केट में दूसरे दिन भी सरसों एवं इसके तेल की कीमतों में हल्का सुधार देखने को मिला। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 25 रुपये तेज होकर 7,375 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सरसों की आवक में हल्की कमी देखने को मिली। 

मंडियों में आवक घटकर 4.75 लाख बोरियों की रह गई। व्यापारियों के अनुसार विदेशी बाजार में पॉम तेल और सोया तेल की कीमतों में सुधार आया है, साथ ही घरेलू बाजार में सरसों में बिकवाली कमजोर बनी रही।

दोस्तों जैसा कि आप सबको पता है कि गर्मी को मौसम मे तेल की मांग घट जाती है और गर्मी का सीज़न फ़िलहाल अपने पीक पर चल रहा है। देश के अधिकांश राज्यों में तापमान ज्यादा होने का असर भी तेलों की खपत की खपत पर पड़ रहा है। 

इतनी गर्मी होने के बावजूद भी तेल के भाव में सुधार हो रहा है इससे आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि सरसों में आने वाले बरसाती सीज़न में जबरदस्त डिमांड देखने को मिलेगी और भाव भी तेज होंगे। गर्मी के चलते कम डिमांड और इसके अलावा आगामी दिनों में इंडोनेशिया पॉम तेल के निर्यात पर लगी रोक को हटा लेने की आशंकाओं के चलते भी सरसों में सीमित तेजी मंदी बनी हुई है।

विदेशी बाजारों की बात करें तो मलेशिया में पॉम तेल के जुलाई वायदा अनुबंध की कीमतों में 21 रिगिट की तेजी के बाद भाव 6,363 रिगिट प्रति टन पर पहुंच गए। अमेरिकी कृषि विभाग ने गुरुवार को एक मासिक फसल रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका में सोयाबीन का उत्पादन बढ़ने की संभावना है, लेकिन बायो फ्यूल के साथ साथ खाद्य तेलों की बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति टाइट रहने का अनुमान है।

दुनिया के सबसे बड़े निर्यातक और पॉम तेल के उत्पादक देश और इंडोनेशिया पर विश्व बाजार के व्यापारियों की नजर रखी हुई है। कभी भी पॉम तेल के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने की खबर आ सकती है।

खाद्य तेलों के बाजार में भी कुछ सुधार दिखाई दिया। सुरजमुखी तेल के आयात में 74% तक गिरावट दर्ज हुई है हालांकि पिछले में साल से यह 70% कम रहा है। तेल तिलहन के बाजार अभी भी तेजी का इशारा कर रहे हैं। सरसों तेल जयपुर में एक्सपैलर भाव 10 किलो में दो रुपए तेज होकर 1527 के स्तर पर पहुंच गया है। 

कच्ची घानी के भाव में भी 2 रुपए की बढोतरी हुई है और भाव 1537 रुपए तक हो गया है। आरबीडी पामोलिन चेन्नई में 1535 रुपए बोला जा रहा है। सोयाबीन तेल में भाव स्थिर हैं गुजरात में यह 1575 रुपए, बूंदी में 1580 रुपए और लातूर में 1585 रुपए के स्तर पर है। मूंगफली के तेल में भी कई दिन से चल रही गिरावट रुकी है और बाजार गुजरात में 1575 रुपए पर स्थिर हो गया है। हैदराबाद में इसके भाव 1720 रुपए पर हैं।