Sarso Bhav Report: सरसों के रेटों को लेकर अच्छी खबर, अब बढ़ेंगे सरसों के रेट, देखें मंदी तेजी रिपोर्ट
 
2022 में सरसों का भाव क्या रहेगा


सरसों रिपोर्ट – सरकार को हुई चिंता सरसों के बढ़ेंगे भाव | जानिए सरसों तेजी मंदी रिपोर्ट
किसान साथियो बुधवार को विदेशी बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी आने के कारण घरेलू बाजार में सरसों के भाव में चल रही कमजोरी का सिलसिला थमता दिखाई दिया हालांकि कोई बड़ी तेजी भी नहीं दिखाई दी भाव लगभग स्थिर रहे । जयपुर में कंडीशन की सरसों के दाम 7,300 से 7,350 रुपये प्रति क्विंटल तक बोले गए जबकि दिल्ली में भाव ₹ 7000 तक रहे।

आवक में बढ़ोतरी नहीं
बुधवार को सरसों की दैनिक आवक मंगलवार के समान 5 लाख बोरियों की ही हुई।
राज्यवार आवक की बात करें तो राजस्थान की मंडियों में 2.25 लाख बोरी, मध्य प्रदेश में 40 हजार बोरी, उत्तर प्रदेश में 80 हजार बोरी, हरियाणा और पंजाब में 65 हजार बोरी, गुजरात में 20 हजार बोरी तथा अन्य राज्यों की मंडियों में 70 हजार बोरी सरसों की आवक हुई। आवक के रूझान से स्पष्ट है कि किसान घटे हुए भावों पर अपना माल नहीं निकाल रहे हैं और बड़ी तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।

सरसों का भाव
अन्य मुख्य मंडियों में भाव इस प्रकार से रहे : बरवाला मंडी सरसों के भाव ₹ 6900, हिसार मंडी सरसों के दाम 6800/6900, गोयल प्लान्ट कोटा सरसों के रेट 7200, केकड़ी मंडी में सरसों का भाव ₹ 6275/6850, जबलपुर मंडी सरसों के दाम 5000/6000, सरसों मंडी पोरसा भाव ₹ 6575 आवक 500, चरखी दादरी मंडी सरसों भाव ₹ 6850/7000+100, मुरैना मंडी सरसों भाव ₹ 6600 आवक 1000, नेवाई मंडी मंडी सरसों भाव ₹ 6900, टोंक मंडी मंडी सरसों भाव ₹ 6880, आदमपुर मंडी सरसो आज का रेट 6875, किशनगढ़ मंडी में सरसों का प्राइस 6500 से 6750, दमोह मंडी में सरसों का रेट 5800/6400, मेड़ता सिटी भाव ₹ 6650 आवक 6000, श्योपुर भाव ₹ 6600/6700 आवक 2000, सुमेरपुर भाव ₹ 7350+100 आवक 1000, बारां भाव ₹ 6200/6600 आवक 6000, कोटा भाव ₹ 6300/6800 आवक 4000

सलोनी प्लान्ट ने शाम को सरसों के भाव में लगभग 50 रुपये की बढ़ोतरी की। सलोनी प्लान्ट पर भाव इस प्रकार से रहे

सलोनी प्लान्ट सरसों रेट

आगरा/शमशाबाद/दिगनेर भाव ₹ 7750
अलवर सलोनी भाव ₹ 7900+50
कोटा सलोनी भाव ₹ 7750

सरसों तेल में तेजी | सरसों रिपोर्ट
किसान साथियो सरसों तेल में खपत बढ़ रही है और सरसों तेल का भाव एक रुपए किलो से लेकर 3 रुपए किलो तक तेज हुआ है। सरसों की आवक नहीं बढ़ने से सरसों तेल में मजबूती बनी है। व्यापारियों के अनुसार नीचे दाम पर सरसों में बिकवाली कमजोर देखी गई है। सरसों तेल की बात करें तो जयपुर में कच्ची घानी सरसों तेल एवं एक्सपेलर के भाव क्रमश 1,532 रुपये और 1,522 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर रहे । इस दौरान सरसों खल की कीमतों में भी लगातार तीसरे दिन 25 रुपये की गिरावट आकर भाव 2,750 रुपये पर आ गए।

विदेशी बाजार हुए तेज सरसों रिपोर्ट
विदेशी बाजारों में डिमांड बढ़ने के चलते बुधवार को वहाँ भी खाद्य तेलों में जबरदस्त तेजी का देखने को मिला। मलेशिया के बुरसा मलेशिया डेरिवेटिव एक्सचेंज में पाम ऑयल का मई वायदा 217 रिगिंट उछलकर 7170 रिंगिट प्रति टन पहुंच गया है। इसी तरह अमेरिका सोया तेल का मई वायदा 1.37 सेंट की तेजी के साथ 82.41 सेंट प्रति पोंड बोला गया।

मलेशिया में मई महीने के पहले दस दिनों में निर्यात में तेजी और उत्पादन में बड़ी गिरावट आने से केएलसी में तेजी आई है। निर्यात में तेजी आने से मलेशिया का स्टॉक घटने की भी संभावना है। दूसरी तरफ इंडोनेशिया का निर्यात अभी तक प्रतिबंधित है।

खाद्य तेलों की तेजी से सरकार चिंतित
खाद्य तेलों के दाम में उबाल से सरकार चिंचित है। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद खाद्य तेलों के भाव कम नहीं हो पाए हैं। अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष के बाद खाद्य तेलों के आयात के लिए भारत नए बाजारों की तलाश कर रहा है। जैसा कि सर्वविदित है कि भारत खाद्य तेल का 60-65% हिस्सा आयात करता है।

माननीय मंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संघर्ष के कारण भारत को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है तेल आयात करने में कई कठिनाइयां हैं। रूस और यूक्रेन से सूरजमुखी का तेल मिल रहा था लेकिन अब वहाँ की सप्लाई ठप्प है
 
सोया तेल की बात करें तो इसमे में भी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के प्लांटों ने भाव 1 से 2 रुपए किलो तक बढ़ाए हैं। कांडला बंदरगाह पर भी 5 रुपए किलो तक भाव तेज हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोया तेल की उपलब्धता कमजोर है इसलिए इसमें और तेजी की संभावना है। कारोबारी अपने पुराने स्टॉक को निकालकर नई खरीददारी कर सकते हैं। मलेशिया के साथ ही शिकागों में आज पॉम तेल के साथ ही सोया तेल के दाम तेज हुए हैं, ऐसे में घरेलू बाजार में भी सरसों एवं इसके तेल की कीमतों में सुधार आने की उम्मीद है।

व्यापरियों का कहना है कि मलेशिया से पॉम तेल के निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना है। मलेशिया एग्री मंत्रालय ने पॉम तेल निर्यात शुल्क में आधे से ज्यादा कटौती करने का प्रस्ताव दिया है ताकि वैश्विक खाद्य तेल की कमी को पूरा करने में मदद कर सके। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या मलेशिया विश्व भर की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।

रोके या बेचे
सूत्रों से खबर मिल रही है कि सरसों में गिरावट का दौर जल्दी ही थमने वाला है। क्योंकि खाद्य तेलों की उपलब्धता के हालत अभी तक नहीं सुधरे हैं। सरसों के तेल में आयी तेजी इस सरसों के भाव में आने वाली तेजी की तरफ इशारा कर रही है। ऐसे में किसान भाई अपनी सरसों को कुछ दिन और होल्ड कर सकते हैं।


 
मक्का की रिपोर्ट
स्टॉकिस्ट गतिविधि के बीच बिहार में मक्का की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। बाजार में एक राय है कि चूंकि बिहार मक्का के लिए दक्षिण और उत्तर भारत के लिए पैरिटी नहीं है, बिहार मक्का की कीमतों में आगे चलकर तेजी से गिरावट आ सकती है, हालांकि, अन्य विचार ऐसे भी है है कि मक्का की कीमतों में मजबूती जारी रह सकती है क्योंकि बिहार की फसल पिछले वर्ष की तुलना में कम है। फिलहाल सही व्यापार की दिशा अनिश्चित हैं।

व्यापार अपने विवेक से करने की सलाह दी जाती है।