What is FSSAI: खान-पान की चीजों से तो नहीं ब‍िगड़ रही आपकी सेहत? खरीदते समय ऐसे करें पहचान

What is FSSAI: एफएसएसएआई यानी खाने-पीने की चीजों पर न‍िगरानी रखने वाली अथॉर‍िटी. बाजार में खान-पान की ब‍िकने वाली सभी चीजें FSSAI से अप्रूवल के बाद ही मार्केट में आती हैं. यद‍ि आपको क‍िसी भी फूड प्रोडक्‍ट में म‍िलावट का अंदेशा है तो इससे श‍िकायत कर सकते हैं.

 
What is FSSAI: खान-पान की चीजों से तो नहीं ब‍िगड़ रही आपकी सेहत? खरीदते समय ऐसे करें पहचान

What is FSSAI: आप दुकान, फूड चेन या र‍िटेल स्‍टोर पर खाने का सामान लेने जाते हैं तो यहां म‍िलने वाले सामान पर आप भी अक्‍सर FSSAI ल‍िखा देखकर ही ब‍िल‍िंग कराते होंगे. अगर आप ऐसा नहीं करते और केवल दुकानदार पर ही व‍िश्‍वास करते हैं तो कोई बात नहीं. लेक‍िन अध‍िकतर लोग खाने-पीने की चीज लेने से FSSAI मार्का को तरजीह देते हैं. लेक‍िन क्‍या आपने कभी सोचा है क‍ि यह FSSAI है क्‍या? नहीं तो आइए हम आपको इसके बारे में व‍िस्‍तार से बताते हैं.

खाने-पीने की चीजों करने वाली अथॉर‍िटी
स‍िंपल भाषा में बात करें तो सरकार की यह अथॉर‍िटी खाने-पीने की चीजों पर न‍िगरानी रखती है. सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत FSSAI का संचालन होता है. आपको क‍िसी दुकान या स्‍टोर पर जाने के बाद फूड प्रोडक्‍ट में म‍िलावट या उसके सही नहीं होने का शक होता है तो आप FSSAI से इस बारे में श‍िकायत कर सकते हैं.

कैसे और कहां करें श‍िकायत
मिलावटखोरों और घटिया सामग्री बेचने वालों के खिलाफ शिकायत करने के ल‍िए लंबे समय से प्‍लेटफॉर्म की मांग हो रही थी. इसके ल‍िए प‍िछले द‍िनों 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' एप (Food Safety Connect App) लॉन्‍च क‍िया गया है. आपको किसी दुकान पर पैक्ड या लूज फूड की क्‍वाल‍िटी बेहतर नहीं मिलती तो आप शिकायत कर सकते हैं. आप एप के जर‍िये श‍िकायत करने के दौरान वीड‍ियो या फोटो भी अटैच कर सकते हैं.

यहां भी कर सकते हैं श‍िकायत
E-mail: compliance@fssai.gov.in
Twitter: fssaiindia
Facebook: @fssai

क्‍या है FSSAI
साल 2006 में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत भारत सरकार ने FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का गठन क‍िया था. इसका काम लोगों को पौष्टिक भोजन मुहैया कराने और इसके तय मानक को बनाए रखना है. यानी आपने यद‍ि FSSAI का लोगो वाला फूड प्रोडक्‍ट खरीदा है तो यह तय मानकों के अनुरूप है और आपके ल‍िए पौष्‍ट‍िक है. FSSAI को 1 अगस्‍त, 2011 में अधिसूचित किया गया था. FSSAI लाइसेंस तीन प्रकार का होता है.

एफएसएसएआई लाइसेंस के तीन प्रकार
1. बेसिक एफएसएसएआई लाइसेंस (Basic FSSAI License): 
इस प्रकार का लाइसेंस छोटे उद्योगों के ल‍िए होता है. आमतौर पर इसे आवेदन करने वाले को एक से पांच साल के ल‍िए द‍िया जाता है. यह लाइसेंस ऐसे कारोबार‍ियों को द‍िया जाता है, ज‍िनकी सालाना आय 12 लाख रुपये से कम हो.

2. स्टेट एफएसएसएआई लाइसेंस (State FSSAI License) : म‍िड लेवल के कारोबार‍ियों, उत्‍पदकों और व‍िक्रेता को इस तरह का लाइसेंस जारी क‍िया जाता है. यह लाइसेंस आमतौर पर ऐसे कारोबार‍ियों को द‍िया जाता है ज‍िनकी सालाना आमदनी 12 लाख से ज्‍यादा हो. इसे भी एक साल से पांच साल तक की अवध‍ि के ल‍िए द‍िया जाता है.

3. सेंट्रल एफएसएसएआई लाइसेंस (Central FSSAI License) : यह FSSAI का सबसे उच्‍च कोट‍ि की लाइसेंस की कैटेगरी होती है. यह उन खाद्य व्यापारियों को द‍िया जाता है, जिनकी सालाना आमदनी 20 करोड़  रुपये से ज्‍यादा की होती है.