Share Market Update: शेयर बाजार ने आज दिया बड़ा झटका, निवेशकों को लगा 6 लाख करोड़ रुपये फटका
 
Share Market Update: शेयर बाजार ने आज दिया बड़ा झटका, निवेशकों को लगा 6 लाख करोड़ रुपये फटका 

Share Market Live Update: शेयर बाजार में कोहराम मचा है। सेंसेक्स में आज 1500 से अधिक अंकों की गिरावट देखने को मिली है। जिसकी वजह से  निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। वहीं, निफ्टी में आज 2.5% की गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट के बाद निफ्टी 15,790 अंकों के नीचे आ गया। बता दें, डाॅलर के मुकाबले रुपया अपने निचले स्तर पर पहुंच गया है।

सुबह का हाल 

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 1436.30 अंक या 2.65% की गिरावट के साथ 52,866.6 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी भी 408.50 अंक या 2.52% की गिरावट के साथ 15,793.30 पर ट्रेड कर रहा था। बीते सप्ताह सेंसेक्स 1465.79 अंक नीचे आ कर बंद हुआ था। बता दें, आज सुबह सेंसेक्स 1333.32 अंकों या 2.46% की गिरावट के साथ 52,970.12 पर खुला था। वहीं, निफ्टी 2% निफ्टी की गिरावट के साथ खुला था। 

सेंसेक्स में आज सुबह 10 बजे पावर ग्रिड के शेयर सबसे अधिक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। सनफार्मा के शेयर -0.73%, मारुति -1.01%, आईटीसी -1.33%, भारती एयरटेल -1.34% नीचे आ कर ट्रेड कर रहे थे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में 0.38% और नेस्ले इंडिया 0.24% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। दूसरी तरफ निफ्टी में Cipla के शेयरों में 0.90% की बढ़त देखने को मिली है।  यहां सुबह सबसे अधिक नुकसान के साथ Hindalco के शेयर ट्रेड कर थे।

कैसी रहेगी इस सप्ताह की रफ्तार? 

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ''सभी की निगाह फेडरल रिजर्व की संघीय मुक्त बाजार समिति (एफओएमसी) के 15 जून के फैसले पर रहेगी। मुद्रास्फीति के 'दानव' के बीच बाजार ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि की आशंका जता रहा है। बैंक ऑफ जापान भी 17 जून को अपनी मौद्रिक समीक्षा पेश करेगा।'' मीणा ने कहा कि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वैश्विक शेयर बाजारों में घबराहटपूर्ण बिकवाली के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख क्या रहता है। पिछले लगातार आठ माह से एफआईआई जमकर बिकवाली कर रहे हैं।

विश्लेषकों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की वजह से बाजार काफी दबाव में हैं। ऐसे में केंद्रीय बैंकों द्वारा कदम उठाए जाने की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि बाजार पिछले एक माह से व्यापक दायरे में हैं। यह स्थिति तबतक बनी रहेगी जबतक की किसी एक दिशा में स्पष्ट संकेत उभरकर सामने नहीं आता।