Income Tax भरते हैं तो जान लें ये नियम, सरकार दे रही ये विशेष सुविधा, लाभ उठा चुके हैं इतने लोग

बजट 2022-23 में करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के दो साल के भीतर अपने आईटीआर को अपडेट करने की अनुमति दी गई है। करों के भुगतान में किसी भी विसंगति या चूक में सुधार करने के लिए यह सुविधा शुरू की गई थी।
 
 
Income Tax

 Income Tax : करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (Income Tax Return) को अपडेट करने के हाल ही में शुरू किए गए प्रावधान से सरकार को करीब 400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर आय हुई है। लगभग 5 लाख रिटर्न दोबारा दाखिल किए गए हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

वित्त अधिनियम, 2022 ने अपडेटेड रिटर्न का एक नया कॉन्सेप्ट पेश किया। यह करदाताओं को करों का भुगतान करने के दो साल के भीतर अपने आईटीआर (ITR) को अपडेट करने की अनुमति देता है। नया फॉर्म आईटीआर-यू इस साल मई में करदाताओं के लिए उपलब्ध कराया गया था ताकि वे अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) को किसी भी अतिरिक्त आय या कमाई के साथ अपडेट कर सकें। मूल्यांकन वर्ष 2020- 21 के लिए बहुत से लोगों ने अपने रिटर्न को अपडेट किया है।

5 लाख आईटीआर हुए अपडेट
अधिकारी ने कहा कि अब तक करीब 5 लाख अपडेटेड आईटीआर फाइल किए जा चुके हैं और करीब 400 करोड़ रुपये टैक्स का भुगतान किया जा चुका है। अधिकारी ने कहा कि इस कदम से टैक्स सुधार की प्रक्रिया में तेजी आई है और कर नियमों के अनुपालन में काफी सुधार हुआ है। यहां तक ​​कि कॉरपोरेट भी अपडेटेड आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। डेटा से पता चला है कि एक कंपनी ने एक रिटर्न दाखिल किया है।


कौन दाखिल कर सकता है संशोधित आईटीआर
यह फॉर्म सेमेन्ट ईयर के 2 वर्षों के भीतर दाखिल किया जा सकता है। दाखिल करने वाले करदाताओं को आईटीआर अपडेट करने के लिए कारण देना होगा। उन्हें बताना होगा कि आईटीआर दाखिल करते समय कोई गलती हुई है या रिटर्न सही ढंग से फाइल की नहीं किया गया है। फॉर्म में दिए गए कारणों में सेक्शन 115JB/115JC के तहत अनएब्जॉर्ब्ड डेप्रिसिएशन या टैक्स क्रेडिट में कमी या टैक्स की गलत दर या करदाताओं द्वारा दिए गए अन्य कारण भी शामिल हैं।

एक करदाता को प्रति निर्धारण वर्ष में केवल एक ही अपडेटेड एसेसमेंट दाखिल करने की अनुमति होगी। सरकार को उम्मीद है कि प्रत्यक्ष कर (व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट कर) से संग्रह 14.20 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से लगभग 3.30 लाख करोड़ रुपये अधिक होगा