HDFC Bank-HDFC के विलय का करना होगा और इंतजार, होम लोन सस्ता होने के भी आसार!

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का अपनी पेरेंट कंपनी HDFC Ltd. के साथ विलय होने जा रहा है. पर इसमें अभी और वक्त लगेगा. वहीं एक अध्ययन में संभावना जताई गई है कि इससे HDFC Ltd. से मिलने वाला होम लोन सस्ता भी हो सकता है. जानें कैसे...

 
HDFC Bank-HDFC के विलय का करना होगा और इंतजार, होम लोन सस्ता होने के भी आसार!

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में उसकी पेरेंट कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC Ltd.) का विलय होने जा रहा है. पर इसके लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. बैंक के मुताबिक इस विलय को पूरा होने में अभी 8 महीने से ज्यादा का समय लग जाएगा और इसके अगले साल सितंबर तक कंप्लीट होने की उम्मीद है. शुक्रवार को इस विलय पर एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक दोनों ने शेयरधारकों से मंजूरी लेने के लिए कई बैठकें हुईं.


अभूतपूर्व होगा HDFC Bank-HDFC का मर्जर

एजेंसी की खबर के मुताबिक भारत के कॉरपोरेट इतिहास में ये विलय अभूतपूर्व होगा. ये 40 अरब डॉलर से अधिक के कारोबार का विलय है, जो संभवतया भारत में अब तक का सबसे बड़ा विलय सौदा है. HDFC ने इसी साल अप्रैल में अपने HDFC Bank के साथ मर्जर की घोषणा की थी, साथ ही ऐलान किया था कि इसमें 12 से 18 महीने का समय लगेगा.

एचडीएफसी बैंक के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर शशिधरन जगदीशन ने बताया कि विलय में लगभग आठ से दस महीने का समय और लगेगा. एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहा कि विलय के लिए बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ मिलकर काम कर रहा है और शेयरहोल्डर्स को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

3500 लोगों की नौकरी बची रहेगी

विलय के बाद की स्थिति के बारे में शशिधरन जगदीशन ने कहा कि एचडीएफसी के 3,500 से अधिक कर्मचारी विलय के बाद एचडीएफसी बैंक के 1.61 लाख कर्मचारियों की सूची में शामिल हो जाएंगे. इतना ही नहीं कुछ ब्रांच को छोड़कर एचडीएफसी लिमिटेड की सभी 508 ब्रांच बाद में एचडीएफसी बैंक का हिस्सा बन जाएंगी.

होम लोन सस्ता होने के आसार

इस विलय के बाद एचडीएफसी लिमिटेड के ग्राहकों को खुशखबरी मिल सकती है. वजह उनके होम लोन की ब्याज दरें मौजूदा ब्याज दरों से कम हो सकती हैं. एचडीएफसी लिमिटेड का वर्तमान स्टेटस एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) का है. पर विलय के बाद वह एक बैंक में तब्दील हो जाएगी.

इससे कंपनी से मिलने वाला होम लोन सस्ता हो सकता है. वजह, बैंक से मिलने वाला ऋण आमतौर पर एनबीएफसी के ऋणों से सस्ता होता है, क्योंकि बैंक लोगों की जमा (Deposits) को स्वीकार कर सकते हैं.

ईटी ने रिसर्च हाउस बर्नस्टीन की रिपोर्ट के आधार पर खबर दी है कि इस विलय से एचडीएफसी लिमिटेड के फंड की लागत नीचे आएगी. ये 0.4% तक नीचे आ सकती है. इससे कंपनी के लिए ऋण जुटाना सस्ता हो जाएगा. संभव है कि कंपनी इसका कुछ लाभ अपने ग्राहकों तक पहुंचा दे.