Amazon को करारा झटका! लगा 200 करोड़ रुपए का जुर्माना; जानिए क्या है पूरा मामला?
 
Amazon को करारा झटका! लगा 200 करोड़ रुपए का जुर्माना; जानिए क्या है पूरा मामला? 

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) पर 200 करोड़ रुपए के जुर्माना के फैसले को बरकार रखा है। NCLAT ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के फैसले को चुनौती देने वाली Amazon की याचिका को खारिज कर अमेरिकी कंपनी को जुर्माना भरने का निर्देश दिया है। यह जूर्माना फ्यूचर-अमेजन मामले को लेकर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से लगाया गया था।

NCLAT के न्यायमूर्ति एम वेणुगोपाल और अशोक कुमार मिश्रा की दो सदस्यीय पीठ ने सीसीआई के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि सोमवार से 45 दिनों के भीतर अमेजन को 200 करोड़ रुपए के जुर्माना का भुगतान करना होगा। उन्‍होंने कहा कि वे न्यायाधिकरण सीसीआई के साथ पूरी तरह से सहमत है।

क्‍यों लगाया गया 200 करोड़ का जुर्माना?
CCI ने पिछले साल दिसंबर 2019 में दी गई अपनी पिछली मंजूरी को उलट दिया था और फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए Amazon के सौदे के फैसले को निलंबित कर दिया था।

CCI ने अपने पिछली मंजूरी को बदलने का कारण बताया था कि अमेजन ने करार करने के लिए मंजूरी लेते समय जानकारियां छिपाई थीं। इसके बाद CCI ने ई कॉमर्स कंपनी पर 202 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।

एनसीएलएटी ने इस साल अप्रैल में अमेज़न की याचिका पर सुनवाई पूरी की। कहा कि अमेजन ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (Future Retail Limited) में अपने रणनीतिक हितों के बारे में सभी जानकारियां नहीं दी हैं।

मुकेश अंबानी की कंपनी से होने वाली थी डील
एफसीपीएल फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) का प्रमोटर है। FRL रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेगमेंट में काम करने वाली 19 ग्रुप कंपनियों का हिस्सा था, जिन्हें अगस्त 2020 में घोषित 24,713 करोड़ रुपए के सौदे के तहत रिलायंस रिटेल को ट्रांसफर किया जाना था। लेकिन उस डील को मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने रद्द कर दिया था।

गौरतलब है कि बंद हो चुके रिटेल स्टोर चेन बिग बाजार (Big Bazaar) का संचालन फ्यूचर ग्रुप की कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) करती थी।