Brahmastra: 10 साल की मेहनत का फल है "ब्रह्मास्त्र" कैसे लगे इतने साल,अयान मुखर्जी ने खोला राज
 
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Brahmastra: देर से आए लेकिन दुरुस्त आए ये कहावत तो अपने सुनी ही होगी। अयान मुखर्जी लंबे समय बाद किसी फिल्म को लेकर आए हैं, लेकिन उन्होंने आते ही बॉक्स ऑफिस पर सनसनी मचा दी है. अयान की फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' ने रिलीज के साथ ही कई बड़े रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं. फिल्म शानदार कमाई कर रही है. अब उन्होंने फिल्म और खुद से जुड़ी कई अहम बातें साझा की हैं.

ब्रह्मास्त्र पर क्या बोले अयान?

अयान से पूछा गया कि एक फिल्म में आपने अपने दस साल झौंक दिए. वहीं कंटेम्पररी डायरेक्टर्स लगातार प्रोजेक्ट्स कर रहे थे. इनसिक्यॉरिटी नहीं होती थी? इसपर अयान ने कहा- मेरी लास्ट फिल्म रिलीज हुई थी 2013 में और अब जाकर 2022 में ब्रह्मास्त्र रिलीज हुई है. लगभग दस साल तक मैं इस प्रोजेक्ट से जुड़ा रहा. रही बात इनसिक्यॉरिटी की, तो मुझसे ज्यादा मेरे आसपास वालों को डर लगता था.

'मैं एक सिनेमा लवर हूं और मेरे लिए यह पैशन की तरह है. आप देखें न, जेम्स कैमरून ने जो अवतार के साथ किया. उनकी फिल्म टाइटैनिक 1997 में रिलीज हुई थी और उस अवतार को 12 साल बाद लेकर आए थे. जब वो फिल्म आई, तो उसने दुनिया के सामने ट्रेंड सेट कर दिया था.

मैं कहीं न कहीं जानता था कि अगर कुछ बड़ा करना है, तो वो एक दो साल में तो नहीं होगा. फिर तो मैं ये जवानी है दीवानी जैसी फिल्में ही बनाऊं. अगर कुछ अलग करना है, तो आपको इन सबकी चिंता छोड़नी होती है. आपको त्याग के बिना कुछ हासिल नहीं होता है कि चलो 2 साल में ब्रह्मास्त्र बना लिया और झट से दूसरी फिल्म में लग गया. ऐसा नहीं होता है.

'हालांकि इसके रिजल्ट को लेकर एक अश्योरिटी भी होती है कि कुछ न कुछ अलग तो जरूर होगा. जिस तरह हमारे देश में रिसोर्सेज हैं, उसे मद्देनजर रखकर फिल्म दो साल में तो बिल्कुल भी नहीं बन सकती थी. मैं उस दौरान ऐसी दुनिया में प्रवेश करने जा रहा था, जिसका कोई अंदाजा नहीं, कोई रेफरेंस पॉइंट नहीं.

पहले तो अपने आसपास के लोगों को उस दुनिया के लिए कन्विंस करना भी एक बड़ा टास्क होता है. जैसे-जैसे वक्त बढ़ता जा रहा था, वैसे-वैसे लोगों का विश्वास भी फिल्म के प्रति गहरा होता जा रहा था. इससे जुड़ने वालों के पेशेंस को मैं दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं.

रणबीर-आलिया ने भी कभी मुझे ये फीलिंग नहीं आने दी कि यार अयान क्या कर रहे हो. फटाफट रिलीज कर दो या कॉम्प्रोमाइज कर दो. उनका यही कहना था कि तुम जैसे चाहो, वैसे फिल्म को दिशा दो.

फिल्म की सक्सेस पर खुश हैं अयान
फिल्म को मिल रहे रिस्पॉन्स पर अयान कहते हैं- दिल से बहुत आभारी हूं. देखें, हम जितनी भी बड़ी फिल्में कर लें लेकिन जब वो फिल्म फ्राइडे को रिलीज होती है, तो टीम को विश्वास होता है कि फिल्म अच्छा करेगी, लेकिन कई बार हमारा भ्रम टूटता है. रही बात ब्रह्मास्त्र की तो आखिर चंद मिनटों तक मेरी सांसे अटकी हुई थी कि पता नहीं मेरी इस फिल्म का क्या होगा. खासकर पिछले कुछ महीनों में जिस तरह के हालात रहे हैं और बड़ी-बड़ी फिल्में धराशयी हुई हैं.

तो लगता था कि हमारी ऑडियंस कहा चली गई है? क्या कोरोना के बाद सच में सबकुछ बदल गया है? लोग फिल्म देखने क्यों नहीं आ रहे हैं? ऐसे कई डाउट्स थे. अब रिस्पॉन्स देखकर राहत की सांस ली है कि चलो इतने लोग आ गए. फिल्म को सेलिब्रेट कर रहे हैं, तो ये सब देखकर बहुत ज्यादा ही खुश हूं.

पूरी इंडस्ट्री की नजर थी कि इस फिल्म को तो कैसे भी चलना ही चाहिए. यह अनकही बातों का प्रेशर मैं महसूस कर रहा था. अब राहत है.

फिल्म को मिले रिस्पॉन्स को सेलिब्रेट करने पर अयान कहते हैं- अभी तो बस एक्साइटेड हैं. अभी मन ही मन में सेलिब्रेट कर रहे हैं. दरअसल ब्रह्मास्त्र की मेकिंग के दौरान इतना काम रहा कि हम रिलीज के पांच दिन पहले तक फिल्म पर काम कर रहे थे.

तब सोचा था कि रिलीज होने के बाद जैसे बच्चे को डिलीवर कर मां रिलैक्स करती है, ठीक वैसे ही चैन से बैठेंगे. लेकिन फिल्म की कलेक्शन और जो सोशल मीडिया पर चीजें चल रही हैं, उससे चैन कहां, मैं आलिया, रणबीर वक्त बेवक्त एक दूसरे को कॉल करते रहते हैं. बिना वजह के ही बातचीत चल रही है.

फैंस की थ्योरी पढ़कर हम कभी डिस्कस करते, तो कभी कुछ. अभी तो बच्चों की तरह हम उत्साहित हैं. सेलिब्रेशन का टाइम ही नहीं मिल पा रहा है. अभी तो बहुत ही सिंपल तरीके से ही चीजें गुजर रही हैं. जैसे बीती शाम मैं रणबीर के घर चला गया. अगले वीकेंड के बाद ही इसकी सक्सेस पार्टी प्लान करेंगे. 

रिलीज के बाद फिल्म के वीएफएक्स की जबरदस्त चर्चा है. क्रिटिक्स समेत फैंस भी इसे एवेंजर्स लेवल की वीएफएक्स बता रहे हैं. वीएफएक्स की जर्नी पर अयान कहते हैं- केवल ब्रह्मास्त्र नहीं बल्कि हमारे देश में क्रिएट करना बहुत बड़ा चैलेंज था. जितनी मेहनत और लगन हॉलीवुड इंडस्ट्री अपनी फिल्मों में करती है, उससे दस गुना ज्यादा हमने ब्रह्मास्त्र में काम व मेहनत किया है.

हमने खुद को इसमें झौंक दिया था. अब वो मेहनत रंग ला रही है. वीएफएक्स का सफर हमारी पूरी टीम के लिए के लिए कैसा रहा है, शायद मैं किसी को वो समझा भी नहीं पाऊं. इतने साल जो चले गए फिल्म बनाने में, उसमें कई सारी रिसर्च व चैलेंजेस रहे हैं. हर कदम पर एक बवाल खड़ा होता था, कभी बजट भागता था, तो कभी एक्सीक्यूशन में कोई दिक्कत आ जाती थी.

हमारी टीम बहुत स्ट्रॉन्ग तरीके से डटी रही और यही वजह से सफर मुश्किलों से भरा सही, लेकिन बहुत अच्छा रहा. हमने इस पूरी फिल्म में वीएफएक्स पर ज्यादा फोकस किया है. एक तरफ तो नाज भी होता है कि हमने कुछ अलग कर दिखाया है. वीएफएक्स को लेकर जो रिव्यूज मिले हैं, वो हमारे फोकस्ड और डेडिकेशन का परिणाम हैं.

मैंने जो भी पर्सनली सीखा है, और जिस तरह की मुश्किलों से हम गुजरे हैं. ये तो उम्मीद है कि आने वाले लोगों के लिए हमने रास्ता बनाया है. इंडस्ट्री में अगर कोई दूसरा इस तरह की फिल्म बनाएगा, तो उसे शायद उतनी चैलेंजिंग न लगे. कोई कुछ अलग करता है, तो बाकियों के लिए एक रास्ता खुल जाता है. लोग उसे फॉलो भी करने लगते हैं.